सऊदी अरब में ड्रोन हमले के बाद पूरे खाड़ी इलाके में तनाव बढ़ गया है। इराक की सीमा से आए तीन ड्रोन को सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री ने हवा में ही मार गिराया। इस घटना के बाद कुवैत, UAE और कतर ने सऊदी का साथ देते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है।
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सऊदी अरब पर ड्रोन हमला और अब तक क्या हुआ
Saudi Defense Ministry ने बताया कि रविवार 17 मई 2026 को इराक की तरफ से तीन ड्रोन सऊदी की सीमा में घुसे थे। इन तीनों ड्रोन को समय रहते पहचान कर नष्ट कर दिया गया। सऊदी सरकार ने साफ कहा है कि वह सही समय और सही जगह पर इसका जवाब देने का अधिकार रखती है। यह हमला अचानक हुआ जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
कुवैत और इराक की सरकारों ने क्या कहा
Kuwait Council of Ministers और वहां के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है। कुवैत ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के खिलाफ है और उन्होंने सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है।
वहीं, इराक सरकार ने अपने प्रवक्ता बस्सेम अल-अवादी के जरिए इस हमले की निंदा की है। इराक ने कहा कि वह अपने इलाके का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए करने के सख्त खिलाफ है। हालांकि, इराक के सैन्य अधिकारियों ने दावा किया कि उनके सिस्टम ने इन ड्रोनों को नहीं पकड़ा, लेकिन वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर भी हुआ हमला
सिर्फ सऊदी ही नहीं, बल्कि UAE के Barakah Nuclear Energy Plant पर भी 17 मई को ड्रोन हमला हुआ था। UAE Ministry of Defence ने पुष्टि की है कि ये ड्रोन भी इराक के इलाके से ही आए थे। इस वजह से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और माना जा रहा है कि इसके पीछे इरानी समर्थित मिलिशिया का हाथ हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला कब हुआ और कितने ड्रोन पकड़े गए
यह हमला रविवार 17 मई 2026 को हुआ था। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इराक की सीमा से आने वाले 3 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर उन्हें नष्ट कर दिया।
कुवैत और UAE ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी
कुवैत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। UAE ने भी सऊदी के साथ एकजुटता दिखाई और पुष्टि की कि उनके न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले भी इराक से ही शुरू हुए थे।
