Saudi Arabia पर हुए ड्रोन हमलों ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। 27 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के पूर्वी और रियाद क्षेत्रों में तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश की गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने पुष्टि की कि सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को नाकाम करते हुए कई ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया।
हमले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद ओमान और जॉर्डन ने सऊदी अरब के समर्थन में कड़ा रुख अपनाया है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए अपना पूर्ण समर्थन जताया है। ओमान ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे हमलों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जॉर्डन ने भी इसे सऊदी अरब की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये ड्रोन हमले ईरान से जुड़े मिलिशिया द्वारा इराकी क्षेत्र से किए गए थे। सऊदी अरब ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इराक सरकार से मांग की है कि वह अपने क्षेत्र का उपयोग सऊदी अरब के खिलाफ होने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए। सऊदी अरब ने यह भी साफ कर दिया है कि उसके पास अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
