सऊदी अरब में ई-इनवॉइसिंग (Electronic Invoicing) को लेकर एक खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, फरवरी 2027 से उन व्यवसायों के लिए ई-इनवॉइसिंग अनिवार्य हो सकती है जिनकी सालाना कमाई 187,500 सऊदी रियाल (SAR) से अधिक है। इस खबर के बाद से सऊदी अरब में व्यापार करने वाले लोगों के बीच नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

क्या ZATCA ने इसकी पुष्टि की है

सऊदी अरब की सरकारी संस्था Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA), जो इस पूरे सिस्टम को संभालती है, उसने अभी तक इस 187,500 रियाल की नई समय सीमा या अनिवार्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल ZATCA का काम चरणों (Waves) में चल रहा है और उन्हीं के अनुसार नियम लागू किए जाते हैं।

मौजूदा नियम और जानकारी

अभी के नियमों को देखें तो ZATCA ने उन टैक्सपेयर्स के लिए ई-इनवॉइसिंग अनिवार्य की है जिनका टर्नओवर 375,000 SAR से ज्यादा रहा है। इससे पहले वाले चरण (Wave 23) में यह सीमा 750,000 SAR थी। यह 187,500 SAR का आंकड़ा आमतौर पर उन लोगों के लिए है जो स्वैच्छिक (voluntary) तौर पर VAT रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं। सभी वैट-पंजीकृत व्यवसायों के लिए ई-इनवॉइसिंग का पहला चरण दिसंबर 2021 से लागू है, जबकि दूसरा चरण जनवरी 2023 से धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.