सऊदी अरब ने अपनी East-West तेल पाइपलाइन को फिर से पूरी क्षमता के साथ चालू कर दिया है। यह कदम उन हमलों के बाद उठाया गया है जिनमें तेल के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा था। अब यह पाइपलाइन फिर से दिन के करीब 70 लाख बैरल तेल ले जाने के लिए तैयार है। यह खबर ऐसे समय आई है जब खाड़ी देशों में तनाव बहुत बढ़ गया है।

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पाइपलाइन और तेल क्षेत्रों में क्या नुकसान हुआ था?

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 को ईरान के हमलों की वजह से पाइपलाइन की क्षमता लगभग 7 लाख बैरल प्रतिदिन कम हो गई थी। इसके अलावा Manifa ऑफशोर ऑयलफील्ड में भी 3 लाख बैरल का नुकसान हुआ था, जिसे अब पूरी तरह ठीक कर लिया गया है। हालांकि, Khurais ऑयलफील्ड में अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है, जहाँ करीब 3 लाख बैरल की कमी आई है और इसके ठीक होने का ऐलान जल्द किया जाएगा।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?

अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को एक ceasefire (युद्धविराम) हुआ था, लेकिन यह अब खतरे में है। पाकिस्तान में US वाइस प्रेसिडेंट JD Vance की अगुवाई में हुई शांति बातचीत 11-12 अप्रैल को बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इसके तुरंत बाद प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल को Strait of Hormuz की नाकाबंदी (blockade) का आदेश दे दिया। ऐसे में East-West पाइपलाइन बहुत जरूरी हो जाती है क्योंकि यह तेल भेजने के लिए Strait of Hormuz का विकल्प देती है।

कुवैत पर हमला और वर्तमान स्थिति क्या है?

सिर्फ सऊदी ही नहीं, बल्कि कुवैत ने भी ईरान और उसके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुवैत के मुताबिक, 9 अप्रैल को ceasefire के बावजूद उसके अहम ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। अभी पूरा इलाका तनाव में है और 22 अप्रैल को ceasefire की समय सीमा खत्म हो रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.