सऊदी अरब के वित्त मंत्री Mohammed Al-Jadaan ने बताया कि देश की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन आज पूरी दुनिया के लिए एक लाइफलाइन बन गई है। पहले इस प्रोजेक्ट पर भारी पैसा खर्च करने के लिए काफी आलोचना हुई थी, लेकिन अब दुनिया इसका फायदा उठा रही है। यह पाइपलाइन रोज़ाना 50 लाख बैरल तेल दुनिया के बाज़ारों तक पहुँचाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है।

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पाइपलाइन की क्या अहमियत है और यह कैसे काम करती है?

यह पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल को सीधे रेड सी (Red Sea) के बंदरगाह Yanbu तक पहुँचाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि तेल भेजने के लिए Strait of Hormuz के रास्ते पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वर्तमान में इसकी कुल क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन है। इसमें से 50 लाख बैरल तेल दूसरे देशों को भेजा जाता है और बाकी 20 लाख बैरल देश की अपनी रिफाइनरियों में इस्तेमाल होते हैं।

हालिया हमलों के बाद क्या स्थिति है?

हाल ही में हुए कुछ हमलों की वजह से तेल की सप्लाई में करीब 7 लाख बैरल की कमी आई थी। लेकिन Saudi Aramco ने बहुत तेज़ी से काम किया और 12-13 अप्रैल 2026 तक पाइपलाइन को फिर से पूरी क्षमता पर ले आया। इस तेज़ी से रिकवरी ने यह साबित किया कि सऊदी अरब का एनर्जी सिस्टम किसी भी संकट को झेलने के लिए तैयार है और दुनिया को तेल की सप्लाई बिना रुके मिल सकती है।

ग्लोबल इकोनॉमी और IMF मीटिंग पर क्या चर्चा हुई?

वित्त मंत्री Mohammed Al-Jadaan इस समय IMF और World Bank की स्प्रिंग मीटिंग्स में सऊदी अरब का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन में आ रही मौजूदा रुकावटें कोरोना काल से भी ज़्यादा गंभीर हैं। इसी बीच कई देशों के वित्त मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट में शांति और सुरक्षित व्यापारिक रास्तों की माँग की है ताकि ऊर्जा सुरक्षा को कोई खतरा न हो।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.