सऊदी अरब ने स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए डीआरसी (DRC), युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. यह फैसला इबोला वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है. सरकार ने साफ किया है कि लोगों की सेहत और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है.

👉: Saudi Arabia: तबुक में वेश्यावृत्ति के आरोप में 4 प्रवासी गिरफ्तार, पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंपा गया मामला

इबोला वायरस को लेकर सऊदी सरकार की तैयारी

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने 17 मई 2026 को डीआरसी और युगांडा में इबोला के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का मामला बताया था. इसके बाद सऊदी अरब की पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी (Weqaya) ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है.

सऊदी सरकार ने युगांडा, दक्षिण सूडान और इनके पड़ोसी देशों जैसे रवांडा, बुरुंडी, तंजानिया और कांगो-ब्राज़ाविले से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच और निगरानी बढ़ा दी है. सभी एंट्री पॉइंट्स पर रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी खतरे को तुरंत रोका जा सके.

वीज़ा और यात्रा पर असर

  • डीआरसी (DRC): यहाँ के प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए एंट्री वीज़ा जुलाई 2019 से ही बंद है और यह पाबंदी अब भी जारी है.
  • अन्य देश: युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देशों के लिए स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और निगरानी के नियमों को और सख्त कर दिया गया है.

Weqaya ने बताया है कि सऊदी अरब का निगरानी सिस्टम पूरी तरह तैयार है. 22 जून 2026 तक सऊदी अरब में इबोला का कोई भी पुष्ट या संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है. साथ ही, पड़ोसी देशों से आने वाले तीर्थयात्रियों के रहने की जगहों पर भी रोजाना स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सभी स्वास्थ्य केंद्र संदिग्ध मामलों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.