सऊदी अरब ने गाज़ा पट्टी में एक बड़ा आर्थिक सशक्तिकरण प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मकसद वहां के सबसे ज़रूरतमंद लोगों और दिव्यांगों को अपने पैरों पर खड़ा करना है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मंगलवार को देयर अलबलाह में एक खास कार्यक्रम के साथ हुई।

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इस पहल को किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) के ज़रिए चलाया जा रहा है। इस मौके पर UNDP, UNFPA और OCHA जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब द्वारा फिलिस्तीनियों की मदद के लिए चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है।

ट्रेनिंग और रोजगार की योजना

प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1,000 से ज़्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें शामिल होने वाले लोग विशेष प्रोग्राम के ज़रिए प्रोफेशनल और डिजिटल स्किल्स सीखेंगे।

  • कुल 130 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • कुल 8 अलग-अलग प्रोफेशनल और डिजिटल कोर्स होंगे।
  • ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लोगों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
  • साथ ही उन्हें प्रोफेशनल किट भी मिलेंगे ताकि वे नौकरी पा सकें या अपना काम शुरू कर सकें।

सऊदी सेंटर फॉर कल्चर एंड हेरिटेज के हेड डॉ. एसम अबू खलील ने बताया कि यह प्रोजेक्ट गाज़ा में सऊदी अरब द्वारा की जा रही विकास कोशिशों का एक नया कदम है। उन्होंने कहा कि लोगों की क्षमता बढ़ाना ही वहां की रिकवरी का सबसे सही तरीका है।

यूएन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सऊदी अरब के इस काम की तारीफ की है। उनका कहना है कि सिर्फ इमरजेंसी मदद देने के बजाय लोगों को खुद कमाने के काबिल बनाना ज़्यादा ज़रूरी है।

25,000 लोगों को मिले भोजन

इसी दिन KSrelief की सेंट्रल किचन ने गाज़ा के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 25,000 लोगों को गरमा-गरम खाना बांटा। यह मदद भी उसी बड़े अभियान का हिस्सा है जिसके तहत सऊदी अरब मुश्किल समय में फिलिस्तीनी लोगों का साथ दे रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.