Council of Economic and Development Affairs (CEDA) की मंगलवार को एक वर्चुअल मीटिंग हुई। इसमें Ministry of Economy and Planning की एक रिपोर्ट पर चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है। सरकार ने साफ किया है कि आस-पास के इलाकों में चल रहे तनाव का असर देश के बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर नहीं पड़ेगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि सऊदी अरब का फाइनेंशियल सिस्टम काफी लचीला है। संकट के समय लॉजिस्टिक्स सेक्टर पूरी तरह तैयार है और सरकार ने खाद्य सुरक्षा (food security) सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही जरूरी कदम उठाए हैं। सप्लाई चेन को चालू रखने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इंतजाम किया गया है।
| आर्थिक संकेतक (Economic Indicators) | स्थिति/बदलाव |
|---|---|
| रियल GDP (पहली तिमाही) | 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी |
| सालाना महंगाई (Inflation) | गिरावट आई है |
| गैर-तेल निजी क्षेत्र सूचकांक | बढ़ोतरी हुई है |
| व्यापार संतुलन (Trade Balance) | सुधार हुआ है |
| डिजिटल कंटेंट सेक्टर | GDP और राजस्व में योगदान बढ़ा |
| लॉजिस्टिक्स सेक्टर | संकट प्रबंधन के लिए तैयार |
| डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स | बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे |
मीटिंग के दौरान Digital Content Council की साल 2025 की वार्षिक रिपोर्ट भी देखी गई। इसमें डिजिटल कंटेंट सेक्टर के मार्केट साइज, कमाई और GDP में इसके योगदान की जानकारी दी गई। यह पूरा काम Saudi Vision 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।
इसके अलावा, सरकारी संस्थाओं के लिए नए दिशा-निर्देश और सार्वजनिक स्थानों व कार्यस्थलों पर इमरजेंसी सेफ्टी को बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय नीति के ड्राफ्ट पर भी विचार किया गया। काउंसिल को बैलेंस ऑफ पेमेंट्स, कीमतों की निगरानी करने वाली कमेटी की रिपोर्ट और रियल एस्टेट प्राइस इंडेक्स की जानकारी भी दी गई। अंत में, काउंसिल ने इन सभी विषयों पर कई महत्वपूर्ण फैसले और सिफारिशें मंजूर कीं।