सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलत्ती के बीच 11 मार्च 2026 को फोन पर एक अहम बातचीत हुई। इस संपर्क का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा संकट और क्षेत्र की सुरक्षा को बनाए रखने पर विचार करना था। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल और इसके प्रभावों को लेकर चर्चा की और शांति बनाए रखने पर जोर दिया।

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दोनों देशों के बीच किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?

इस फोन कॉल के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्य रूप से सैन्य टकराव के बढ़ते दायरे को रोकने पर बात की। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में जो तनाव बढ़ा है, उसका असर अरब देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब ने साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है।

दोनों पक्षों ने कूटनीतिक समाधान और बातचीत के जरिए मामलों को सुलझाने की प्राथमिकता पर जोर दिया। सऊदी विदेश मंत्री ने बाहरी आक्रामकता को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत किया और अपने नागरिकों के साथ-साथ अपनी सीमा की रक्षा के अधिकार को दोहराया।

खाड़ी देशों की सुरक्षा और प्रवासियों पर इसका असर

मिस्र के विदेश मंत्री ने इस बातचीत में साफ तौर पर कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। उन्होंने सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई। मिस्र ने चेतावनी दी कि मौजूदा तनाव से क्षेत्र की सुरक्षा एक गंभीर मोड़ पर आ गई है और ऐसे काम तुरंत रोकने की जरूरत है जिससे शांति भंग होती हो।

इस तरह की कूटनीतिक बातचीत खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी राहत की बात है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहने से आम लोगों का जीवन और रोजगार सुरक्षित रहता है। अरब लीग की हालिया आपातकालीन बैठक के बाद रियाद और काहिरा के बीच यह बातचीत दोनों देशों की मजबूत रणनीति का हिस्सा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.