सऊदी अरब और मिस्र के बीच कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। दोनों देशों ने डिप्लोमैटिक और विशेष पासपोर्ट रखने वालों के लिए वीज़ा नियमों में बड़ी ढील दी है। इस नए समझौते के बाद अब सरकारी काम और विशेष यात्राओं के लिए वीज़ा की लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। यह कदम दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

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किन लोगों को मिलेगा इस नए नियम का फायदा?

इस समझौते के तहत मुख्य रूप से तीन तरह के पासपोर्ट धारकों को शामिल किया गया है। इसमें डिप्लोमैटिक यानी राजनयिक, विशेष (Special) और सर्विस पासपोर्ट रखने वाले लोग शामिल हैं। इन लोगों को अब सऊदी अरब या मिस्र की यात्रा के दौरान शॉर्ट-स्टे यानी कम समय के प्रवास के लिए वीज़ा लेने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम आपसी सहमति के आधार पर दोनों देशों के नागरिकों पर बराबर लागू होगा। इससे सरकारी अधिकारियों का एक देश से दूसरे देश आना-जाना काफी आसान हो जाएगा।

समझौते से जुड़ी कुछ मुख्य बातें

विवरण जानकारी
समझौते की तारीख 19 मार्च 2026
हस्ताक्षर करने वाले प्रिंस फैसल बिन फरहान और डॉ. बदर अब्देलअति
छूट का प्रकार शॉर्ट-स्टे वीज़ा से छूट
पासपोर्ट के प्रकार डिप्लोमैटिक, स्पेशल और सर्विस पासपोर्ट

यह समझौता सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बदर अब्देलअति के बीच हुई मुलाकात के बाद हुआ। इस फैसले का मकसद दोनों देशों के बीच चल रहे प्रोजेक्ट्स और सरकारी कामकाज को और रफ्तार देना है। आम प्रवासियों के लिए अभी पुराने नियम ही लागू हैं लेकिन अधिकारियों के लिए इस छूट से प्रशासनिक देरी कम होगी।