मक्का में सुरक्षा बलों ने एक मिस्र के आदमी और एक महिला को गिरफ्तार किया है। ये दोनों सोशल मीडिया पर नकली हज्ज सेवाओं के विज्ञापन डालकर लोगों को ठग रहे थे। सऊदी अरब सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें पब्लिक प्रोसिक्यूशन के हवाले कर दिया है।

हज्ज के नाम पर धोखाधड़ी का मामला क्या है?

सुरक्षा पेट्रोल ने मक्का (Holy Capital) में इन दोनों आरोपियों को पकड़ा। ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके झूठे और भ्रामक विज्ञापन पोस्ट कर रहे थे। इनका मकसद लोगों को नकली हज्ज सेवाओं के जाल में फंसाना था। अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। हाल ही में कई अन्य देशों के लोग भी इसी तरह के फर्जी परमिट बेचने के आरोप में पकड़े गए हैं।

बिना परमिट हज्ज करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

Ministry of Interior ने साफ किया है कि बिना वैध परमिट के हज्ज करना या मक्का में रुकना अपराध है। इसके लिए कड़े जुर्माने तय किए गए हैं:

  • आम लोगों के लिए 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना।
  • धोखाधड़ी में मदद करने वालों या बिचौलियों के लिए 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना।
  • बिना परमिट रहने वाले प्रवासियों को देश से निकाला जा सकता है और उन पर 10 साल का बैन लग सकता है।

असली हज्ज परमिट कैसे लें और शिकायत कहां करें?

Ministry of Hajj and Umrah ने चेतावनी दी है कि सिर्फ आधिकारिक हज्ज वीजा ही मान्य है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल Nusuk जैसे अधिकृत चैनलों के जरिए ही परमिट लें। अगर कोई उल्लंघन दिखे, तो मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर और बाकी जगहों पर 999 पर कॉल करके शिकायत करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट हज्ज करने पर क्या सजा मिल सकती है?

बिना परमिट हज्ज करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, प्रवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल तक का सऊदी अरब प्रवेश बैन लग सकता है।

फर्जी हज्ज विज्ञापनों से कैसे बचें?

केवल अधिकृत चैनलों जैसे Nusuk ऐप का इस्तेमाल करें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक हज्ज वीजा ही प्राप्त करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.