सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। उसे संयुक्त राष्ट्र की विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास समिति (CSTD) के सदस्य के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया है। यह कार्यकाल साल 2027 से लेकर 2030 तक रहेगा। इस खबर की जानकारी सऊदी न्यूज (@SaudiNews50) के जरिए साझा की गई है।

UN की CSTD कमेटी क्या है और इसके नियम क्या हैं?

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास आयोग (CSTD) संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) की एक महत्वपूर्ण कमेटी है। इसकी स्थापना साल 1992 में हुई थी। इस कमेटी से जुड़ी कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • इस कमेटी में कुल 43 सदस्य देश शामिल होते हैं।
  • सभी सदस्यों का चुनाव चार साल के कार्यकाल के लिए किया जाता है।
  • सदस्य देशों से ऐसे विशेषज्ञों के नाम मांगे जाते हैं जिनके पास जरूरी वैज्ञानिक और पेशेवर जानकारी हो।
  • UNCTAD इस कमेटी के सचिवालय के रूप में पूरा सहयोग प्रदान करता है।

सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और हालिया कदम

सऊदी अरब दुनिया भर के संगठनों में अपनी लीडरशिप बढ़ा रहा है। वह विज्ञान और तकनीक के जरिए विकास करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में 7 मई 2026 को सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सतत विकास फोरम में डिजिटल सहयोग इवेंट की अध्यक्षता भी की थी। अब 2027 से 2030 तक वह CSTD कमेटी के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी भागीदारी बढ़ाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब का CSTD कमेटी में कार्यकाल कब तक रहेगा?

सऊदी अरब का कार्यकाल साल 2027 से शुरू होगा और यह 2030 तक यानी कुल चार साल के लिए होगा।

CSTD कमेटी का मुख्य काम क्या है और इसे कौन सपोर्ट करता है?

यह कमेटी विकास के लिए विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल पर काम करती है। इसे UNCTAD सचिवालय के तौर पर सहयोग देता है।