संयुक्त राष्ट्र (UN) में सऊदी अरब ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। सऊदी अरब को साल 2027 से 2030 तक के लिए संयुक्त राष्ट्र के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास आयोग (CSTD) का सदस्य चुन लिया गया है। इस चुनाव में सभी सदस्य देशों ने एकमत होकर सऊदी अरब का समर्थन किया है।
CSTD क्या है और सऊदी अरब की क्या भूमिका होगी?
CSTD एक ऐसा ग्रुप है जिसमें 43 देश शामिल होते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा और ECOSOC को विज्ञान और टेक्नोलॉजी के मामले में सलाह देता है। सऊदी अरब अब 2027 से 2030 तक इस आयोग का हिस्सा रहेगा। यहाँ सऊदी अरब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा गवर्नेंस और नई टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखेगा। यह कोशिश दुनिया में डिजिटल माहौल को बेहतर बनाने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को पूरा करने के लिए होगी।
चुनाव की प्रक्रिया और सरकारी बयान
सऊदी अरब के Communications, Space and Technology Commission (CST) ने बताया कि यह चुनाव सऊदी अरब की ग्लोबल लेवल पर बढ़ती ताकत और टेक्नोलॉजी में उसके योगदान की वजह से हुआ है। इस पूरी प्रक्रिया में सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) ने अहम तालमेल बिठाया। इससे पहले 2022 में सऊदी अरब ने CSTD के 25वें सेशन की अध्यक्षता भी की थी। साथ ही, 7 मई 2026 को न्यूयॉर्क में डिजिटल इनोवेशन इवेंट की सह-अध्यक्षता भी की थी।
सऊदी अरब की सदस्यता से जुड़ी खास बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| चुनाव की तारीख़ | 10 मई 2026 |
| सदस्यता का समय | 2027 से 2030 |
| कुल सदस्य देश | 43 |
| मुख्य फोकस | AI, डेटा गवर्नेंस और नई टेक्नोलॉजी |
| सचिवालय (Secretariat) | UNCTAD |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब को CSTD में कब के लिए चुना गया है?
सऊदी अरब को 2027 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए चुना गया है। इसका चुनाव 10 मई 2026 को हुआ।
इस आयोग का मुख्य काम क्या है?
यह आयोग संयुक्त राष्ट्र महासभा को विज्ञान और टेक्नोलॉजी के असर और उनके विकास पर सलाह देता है। इसमें AI और डेटा गवर्नेंस जैसे मुद्दे शामिल होते हैं।
