सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश को International Telecommunication Union (ITU) काउंसिल के वाइस चेयर के तौर पर चुना गया है। यह फैसला 28 अप्रैल 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई मीटिंग के दौरान लिया गया।

कौन संभालेगा यह बड़ी जिम्मेदारी?

सऊदी अरब की तरफ से Eng. Mansour Al-Qurashi इस भूमिका को निभाएंगे। वह Ministry of Communications and Information Technology में इंटरनेशनल कोऑपरेशन और पार्टनरशिप के डिप्टी मिनिस्टर हैं। इसके साथ ही वह काउंसिल के स्ट्रैटेजिक और फाइनेंशियल प्लान वर्किंग ग्रुप के चेयर भी हैं।

क्या है ITU काउंसिल और इसका क्या काम है?

ITU काउंसिल इस संस्था की सबसे बड़ी गवर्निंग बॉडी है जो मुख्य कॉन्फ्रेंस के बीच के समय में काम करती है। इसके मुख्य काम नीचे दिए गए हैं:

  • ITU के पूरे कामकाज की निगरानी करना।
  • नई पॉलिसी और नियम बनाना।
  • स्ट्रैटेजिक और फाइनेंशियल प्लान को मंजूरी देना।

इस काउंसिल में दुनिया के 190 सदस्य देशों में से केवल 48 देश ही शामिल होते हैं। सऊदी अरब साल 1965 से ही इस काउंसिल का सदस्य रहा है। इस चुनाव से यह पता चलता है कि दुनिया भर में सऊदी अरब की डिजिटल नीतियों और योगदान पर भरोसा बढ़ा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब को ITU काउंसिल में कौन सा पद मिला है?

सऊदी अरब को ITU काउंसिल के वाइस चेयर (Vice Chair) के रूप में चुना गया है। यह चुनाव 28 अप्रैल 2026 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में हुआ।

सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व इस पद पर कौन करेगा?

इस पद पर सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व Eng. Mansour Al-Qurashi करेंगे, जो संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में डिप्टी मिनिस्टर हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.