सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश के कई ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों के बाद वहां का परिचालन फिलहाल रोक दिया गया है। 9 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन हमलों की वजह से बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्थिति की समीक्षा करने के लिए लिया गया है जिससे तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

किन-किन केंद्रों को बनाया गया निशाना?

सऊदी अरब की मुख्य तेल पाइपलाइन और अरामको के अबकैक प्लांट से जुड़ी कई साइट्स पर हमलों की खबर है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में अरामको की ऑइल प्रोसेसिंग फैसिलिटी में धुआं और आग देखी गई है। सऊदी एयर डिफेंस ने हमले के दौरान 9 ड्रोनों को मार गिराने में सफलता हासिल की लेकिन ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा आई है। मंत्रालय ने अभी काम दोबारा शुरू होने की कोई तारीख नहीं बताई है।

खाड़ी के अन्य देशों में क्या हैं हालात?

देश प्रभाव और नुकसान
कुवैत तेल संयंत्रों और पानी साफ करने वाले प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा।
UAE हबशान गैस कॉम्प्लेक्स में काम अस्थायी तौर पर रुका, 3 लोग घायल हुए।
बहरीन ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया गया।
ओमान और कतर कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, फिलहाल शांति बनी हुई है।

प्रवासियों और भविष्य की स्थिति पर असर

इन हमलों के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। ऊर्जा केंद्रों पर कामकाज रुकने से आने वाले दिनों में ईंधन की सप्लाई और स्थानीय रोजगार के माहौल पर असर पड़ सकता है। हालांकि, अमेरिका और पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अब एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है। ईरान के विदेश मंत्री ने संकेत दिया है कि अगर उनके खिलाफ हमले रुकते हैं तो वे भी अपनी सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह शांति लंबे समय तक बनी रहती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.