सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने एक बड़ा अपडेट दिया है। 9 अप्रैल को हुए हमलों के बाद, मंत्रालय ने अपनी ऊर्जा सुविधाओं की पंपिंग क्षमता को वापस बहाल कर लिया है। तकनीकी टीम की कोशिशों से अब ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन फिर से पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है।
हमलों से ऊर्जा सुविधाओं पर क्या असर पड़ा था?
9 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब की कई महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाओं पर हमले हुए थे। इस वजह से तेल उत्पादन और सप्लाई में काफी कमी आई थी और कई रिफाइनरियों का कामकाज प्रभावित हुआ था।
| विवरण | प्रभाव |
|---|---|
| ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन | 7 लाख बैरल प्रतिदिन की पंपिंग क्षमता कम हुई |
| मनिफा (Manifa) तेल क्षेत्र | 3 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन घटा |
| खुरैस (Khurais) तेल क्षेत्र | 3 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन घटा |
| जान-माल का नुकसान | 1 सुरक्षाकर्मी की मौत, 7 घायल |
| प्रभावित रिफाइनरी | SATORP, रास तनुरा, SAMREF और रियाद रिफाइनरी |
| अन्य सुविधाएँ | जुअयमा (Ju’aymah) प्रोसेसिंग प्लांट में गड़बड़ी |
अब क्या स्थिति है और क्या बहाल हो गया है?
12 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पंपिंग क्षमता को फिर से शुरू कर दिया है। अब ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन में 70 लाख बैरल प्रतिदिन की पूरी पंपिंग बहाल हो गई है।
साथ ही मनिफा फील्ड के प्रभावित 3 लाख बैरल प्रतिदिन के उत्पादन को भी वापस पा लिया गया है। हालांकि, खुरैस फील्ड की पूरी क्षमता को बहाल करने के लिए काम अभी भी जारी है।
