सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों में एक सुरक्षाकर्मी की जान चली गई है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जराह मोहम्मद अल-शलन अल-खालिदी को ‘कर्तव्य का शहीद’ बताया है। इन हमलों में सात अन्य सऊदी नागरिक भी घायल हुए हैं, जिससे पूरे देश में शोक का माहौल है।

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कौन थे जराह मोहम्मद अल-खालिदी और क्या हुआ था?

जराह मोहम्मद अल-खालिदी की उम्र 44 साल थी और वह कतीफ प्रांत के अनाक शहर के रहने वाले थे। वह एक सऊदी ऊर्जा कंपनी में इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी वर्कर के तौर पर काम करते थे। ड्यूटी के दौरान जब ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ, तब वह अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और इसी दौरान उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार दम्माम की अल-फ़ुरकान मस्जिद में किया गया। उनके नाम पर अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए Ehsan प्लेटफॉर्म पर एक चैरिटी अकाउंट भी खोला गया है।

किन ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया?

हमलों का असर कई बड़े प्लांट और पाइपलाइनों पर पड़ा है। प्रभावित सुविधाओं की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

प्रभावित केंद्र स्थान/प्रकार
East-West Pipeline पंपिंग स्टेशन
Manifa और Khurais तेल क्षेत्र (Oil Fields)
SATORP, Ras Tanura और SAMREF रिफाइनरी
Riyadh Refinery रिफाइनरी
Ju’aymah प्रोसेसिंग फैसिलिटी

तेल उत्पादन और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

इन हमलों की वजह से East-West पाइपलाइन से करीब 7,00,000 बैरल प्रतिदिन तेल की सप्लाई बाधित हुई है। कुल तेल उत्पादन में 6,00,000 बैरल की कमी आई है। TotalEnergies ने भी नुकसान के कारण जुबैल में अपनी SATORP रिफाइनरी को बंद कर दिया है। ऊर्जा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो वैश्विक तेल बाज़ार में उथल-पुथल मच सकती है और दुनिया भर में तेल की किल्लत हो सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.