Saudi पर ड्रोन अटैक, एनर्जी प्लांट हुए तबाह, जापान ने जताया दुख, एक की मौत और तेल उत्पादन गिरा
सऊदी अरब के कई अहम एनर्जी प्लांट पर हाल ही में हमले हुए हैं, जिसकी वजह से वहां के कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। जापान के दूतावास ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। इस हिंसा में एक सऊदी नागरिक की जान चली गई और कई कर्मचारी घायल हो गए हैं। इन हमलों के बाद दुनिया भर के तेल बाज़ार में हलचल मच गई है।
हमले में कितना नुकसान हुआ और कौन घायल हुए?
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में औद्योगिक सुरक्षा का एक कर्मचारी शहीद हो गया और 7 अन्य लोग घायल हुए। 9 अप्रैल 2026 को कई महत्वपूर्ण एनर्जी फैसिलिटीज़ में काम रोकना पड़ा। इससे पहले 7 अप्रैल को मिसाइलों के टुकड़े गिरे थे और 8 अप्रैल को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 9 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था। कई रिपोर्टों में इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताया गया है।
तेल उत्पादन और एक्सपोर्ट पर क्या असर पड़ा?
इन हमलों की वजह से सऊदी अरब की तेल सप्लाई और उत्पादन में भारी कमी आई है। ऊर्जा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो तेल की सप्लाई में कमी आ सकती है जिससे दुनिया के कई देशों पर असर पड़ेगा। 9 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी देखी गई।
| प्रभावित प्लांट/पाइपलाइन | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| East-West पाइपलाइन | 7 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी |
| Manifa प्लांट | 3 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट |
| Khurais प्लांट | 3 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट |
| कुल उत्पादन | 6 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी |
| Satorp (जुबैल) | रिफाइनरी कामकाज प्रभावित |
| Ras Tanura रिफाइनरी | रिफाइनरी कामकाज प्रभावित |
| Samref (यैनबू) | रिफाइनरी कामकाज प्रभावित |
| Riyadh रिफाइनरी | रिफाइनरी कामकाज प्रभावित |




