रूस में आयोजित सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री शहजादा अब्दुलअजीज बिन सलमान ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दुनिया को भरोसा दिया है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद सऊदी अरब एक भरोसेमंद और स्थिर ऊर्जा सप्लायर बना रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया को इस समय राजनीतिक शोर से बचकर ऊर्जा बाजार की स्थिरता पर ध्यान देना चाहिए।

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तनाव के बीच कैसे सऊदी अरब ने खोजा तेल भेजने का नया रास्ता?

ऊर्जा मंत्री ने फोरम के दौरान बताया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनावों, विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही में पैदा हुई बाधाओं ने सऊदी अरब की क्षमताओं की कड़ी परीक्षा ली है। लेकिन देश ने इन चुनौतियों का बेहद समझदारी से सामना किया।

  • सऊदी अरब ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करके दुनिया को बिना रुके तेल की सप्लाई सुनिश्चित की।
  • ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (East-West pipeline) के जरिए तेल के निर्यात को लाल सागर पर स्थित यानबू पोर्ट (Yanbu port) की तरफ सफलतापूर्वक मोड़ दिया गया।
  • इस कदम से वैश्विक बाजारों में बिना किसी रुकावट के तेल की सप्लाय लगातार जारी रही।

रूस और सऊदी अरब के बीच होंगे 30 नए महत्वपूर्ण समझौते

सऊदी अरब और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए इस मंच का बड़ा उपयोग किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री ने घोषणा की कि इस फोरम के दौरान दोनों देशों के बीच 30 नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ये समझौते शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन और उद्योग जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेंगे। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच लगभग 80 समझौते हो चुके हैं, जो इनके मजबूत होते रिश्तों को दर्शाते हैं।

राजनीतिक ‘शोर’ को छोड़ काम पर ध्यान देने की सलाह

शहजादा अब्दुलअजीज बिन सलमान ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक खास सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बाजार में चल रहे राजनीतिक और आर्थिक शोर पर ध्यान देने के बजाय सभी को लंबे समय के मार्केट फंडामेंटल्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। दुनिया को ऊर्जा की हर एक बूंद की जरूरत है, और ऊर्जा सुरक्षा ही कीमतों को स्थिर रखने का एकमात्र जरिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने तनाव के बीच तेल सप्लाई जारी रखने के लिए क्या कदम उठाया?

सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का उपयोग करके अपने तेल निर्यात को लाल सागर के यानबू पोर्ट की तरफ सफलतापूर्वक मोड़ दिया, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बिना रुके जारी रही।

सेंट पीटर्सबर्ग फोरम में सऊदी अरब और रूस के बीच कितने नए समझौते होंगे?

इस फोरम के दौरान सऊदी अरब और रूस के बीच शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 30 नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।