सऊदी अरब और यूरोपीय संघ ने मिलकर यमन में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है. 4 मई 2026 को Marib शहर, Marib घाटी और Harib इलाकों में इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई. इस काम से करीब 3 लाख 68 हजार से ज्यादा लोगों को साफ पानी की सुविधा मिल सकेगी.

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यमन के वाटर प्रोजेक्ट में क्या-क्या काम होगा

  • 8 नए कुएं खोदे जाएंगे.
  • 3 पुराने कुओं की मरम्मत होगी और उनमें सोलर पावर सिस्टम लगाया जाएगा.
  • 7 बड़े पानी के टैंक बनाए जाएंगे.
  • पानी पहुँचाने के लिए नया और आधुनिक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बिछाया जाएगा.

इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 90 लाख सऊदी रियाल से ज्यादा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस काम को पूरा करने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा.

किन संस्थाओं ने मिलाया हाथ और क्या बोले अधिकारी

इस प्रोजेक्ट को सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) और यूरोपीय संघ (EU) ने फंड दिया है. इसे जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी ‘Sela Development Foundation’ को सौंपी गई है. यह पूरा काम मأرب के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सुल्तान बिन अली अल-अरादा की देखरेख में हो रहा है.

मأرب के डिप्टी गवर्नर डॉक्टर अब्द रब्बो मुफ्ताह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से लोगों को पानी की कमी से बड़ी राहत मिलेगी और बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी. इस मौके पर SDRPY के राजदूत मोहम्मद बिन सईद अल जाबेर और यूरोपीय संघ के राजदूत पैट्रिक सिमोनिए भी मौजूद थे, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यमन के इस वाटर प्रोजेक्ट का खर्च कौन उठा रहा है

इस प्रोजेक्ट को सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) और यूरोपीय संघ (EU) द्वारा फंड किया गया है, जिसकी कुल लागत 90 लाख सऊदी रियाल से अधिक है.

इस प्रोजेक्ट से कितने लोग लाभान्वित होंगे

इस प्रोजेक्ट से यमन के Marib शहर, Marib घाटी और Harib इलाकों के 3 लाख 68 हजार से ज्यादा लोगों को साफ पानी मिल सकेगा.