सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 12 मार्च 2026 को सऊदी वाइस फॉरेन मिनिस्टर वलीद बिन अब्दुलकरीम अल-खुरैजी और यूरोपीय संघ के राजदूतों के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में यूरोपीय राजदूतों ने हाल ही में हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की। साथ ही यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों और राजनयिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए सऊदी सरकार का धन्यवाद किया। यह बैठक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एयरस्पेस बंद होने के बीच हुई।

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ईरान के हमलों पर क्या चर्चा हुई?

बैठक के दौरान यूरोपीय राजदूतों ने ईरान द्वारा सऊदी अरब, जॉर्डन और अन्य खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। 28 फरवरी 2026 से इस इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है जिसमें अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई शामिल है। इन हमलों में कुछ राजनयिक मिशन को भी निशाना बनाया गया था। इस स्थिति को देखते हुए सभी पक्षों ने 1961 के वियना कन्वेंशन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पालन पर जोर दिया ताकि राजनयिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सऊदी अरब की भूमिका और रेस्क्यू ऑपरेशन

तनाव बढ़ने और ईरानी व क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने के कारण यूरोपीय देशों को अपने लोगों को निकालने में परेशानी आ रही थी। ऐसे में सऊदी अरब ने एक प्रमुख मानवीय केंद्र के रूप में काम किया और निकासी में मदद की।

  • यूरोपीय राजनयिकों ने संकट के इस समय में सऊदी के प्रयासों को सराहा।
  • सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी जमीन या एयरस्पेस का इस्तेमाल किसी भी देश पर हमले के लिए नहीं होने देगी।
  • सऊदी अरब ने अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने की बात भी मजबूती से रखी।

फ्लाइट्स और यात्रा पर क्या असर पड़ा?

लगातार हो रहे हमलों के कारण स्पेन, इटली और जर्मनी जैसे कई यूरोपीय देशों ने इस क्षेत्र के लिए रेड ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। मिडिल ईस्ट के प्रमुख एयरपोर्ट्स जैसे दुबई और रियाद में फ्लाइट्स लगातार कैंसिल हो रही हैं। एयरस्पेस बंद होने से भारत और अन्य देशों से सफर करने वाले प्रवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समुद्री मार्गों और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना इस समय सभी की प्राथमिकता बन गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.