सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए मिस्र के एक नागरिक को मौत की सजा दी है। इस व्यक्ति पर आरोप था कि उसने एक घर में जबरन घुसकर महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। यह सजा उत्तरी सीमा क्षेत्र (Northern Borders Region) में सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दी गई है।
सऊदी अरब में कड़े कानून
सऊदी अरब में हत्या, नशीली दवाओं की तस्करी, सशस्त्र डकैती और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। इन सजाओं को आमतौर पर सिर कलम करके अंजाम दिया जाता है। देश के सख्त इस्लामी कानूनी ढांचे के तहत इन कानूनों का पालन किया जाता है, जिसके चलते अक्सर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजर वहां की न्याय प्रणाली पर रहती है।
हालिया अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
इस घटना से पहले, 29 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने असीर प्रांत में नशीली दवाओं की तस्करी के आरोप में पांच इथियोपियाई नागरिकों को भी मौत की सजा दी थी। ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे संगठनों ने इस पर अपनी चिंता जाहिर की है। इससे पहले भी सऊदी अरब में विभिन्न अपराधों के लिए विदेशी नागरिकों को सजा दी जा चुकी है, जिसके बाद से विदेशों में भी इसे लेकर चर्चा तेज रहती है। सऊदी सरकार अपनी न्यायिक प्रक्रिया के तहत इन मामलों में लगातार फैसले लेती है।
