सऊदी अरब की सरकार ने नशीली दवाओं के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखी है। हाल ही में 5 सऊदी नागरिकों और 2 जॉर्डन के लोगों को मौत की सजा दी गई। इन सभी पर एम्फेटामिन (Amphetamine) नाम की ड्रग्स लाने और उसे बेचने का आरोप था। यह पूरी कार्रवाई सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) द्वारा की गई है।

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फांसी की सजा क्यों दी गई और क्या थी कानूनी प्रक्रिया?

इन सभी लोगों को एम्फेटामिन नार्कोटिक गोलियों की तस्करी और उन्हें प्राप्त करने का दोषी पाया गया था। सऊदी सरकार के नियमों के अनुसार, मौत की सजा देने से पहले कई कानूनी चरणों का पालन किया गया:

  • सबसे पहले मामले की पूरी जांच की गई।
  • विशेष अदालतों में सुनवाई हुई और फैसला सुनाया गया।
  • सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील की गई।
  • अंत में, सजा को लागू करने के लिए शाही आदेश (Royal Order) जारी किया गया।

ड्रग्स के खिलाफ सऊदी अभियान और पिछले कुछ सालों के आंकड़े

सऊदी अरब ने नशीली दवाओं के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है, जिसका असर अब विदेशी नागरिकों पर भी दिख रहा है। पिछले कुछ समय में ड्रग्स के मामलों में सजाओं की संख्या बढ़ी है:

साल कुल फांसी की सजाएं ड्रग्स से जुड़े मामले
2024 338 जानकारी उपलब्ध नहीं
2025 356 243

यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ बहुत सख्त है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है कि वे किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.