सऊदी अरब ने अपने मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों को और सख्त कर दिया है. अब देश में पैसा भेजने, सोना खरीदने और प्रॉपर्टी के कामों पर सरकार की कड़ी नज़र रहेगी. इन नए नियमों का मकसद वित्तीय लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी और अवैध पैसों के खेल को रोकना है.

बदले हुए नियम और निगरानी

सऊदी सरकार ने अपने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं. अब इसमें मनी ट्रांसफर, इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो, रियल एस्टेट ब्रोकरेज और सोने व कीमती धातुओं के कारोबार को शामिल किया गया है. इसका मतलब है कि अब इन क्षेत्रों में होने वाले हर बड़े लेन-देन की बारीकी से जांच होगी.

इन नियमों को लागू करने के लिए Saudi Central Bank (SAMA), Capital Market Authority (CMA) और Ministry of Commerce and Investment (MOCI) जैसे विभाग मिलकर काम करेंगे. 1 जुलाई 2026 से मिलने वाले सभी फिनटेक लाइसेंसों के लिए भी सख्त नियम होंगे और उन्हें संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्ट उसी दिन देनी होगी.

लेन-देन की सीमा और शर्तें

सरकार ने कुछ खास सीमाएं तय की हैं, जिनका पालन करना अब अनिवार्य होगा. नीचे दी गई टेबल में इसे विस्तार से समझाया गया है:

क्षेत्र संबंधित विभाग नियम/सीमा
इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो CMA 1 करोड़ (10 मिलियन) सऊदी रियाल से ज्यादा निवेश पर वेल्थ चेक
सोना और कीमती धातुएं MOCI 50,000 सऊदी रियाल या उससे ज्यादा के कैश लेन-देन पर निगरानी
क्रिप्टो-एसेट्स CMA 10 लाख (1 मिलियन) सऊदी रियाल से ज्यादा के वॉलेट ट्रांजेक्शन पर जांच
रियल एस्टेट ब्रोकरेज MOCI प्रॉपर्टी डीलिंग में संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना जरूरी
मनी ट्रांसफर SAMA पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए सख्त निगरानी
फिनटेक लाइसेंस SAMA 1 जुलाई 2026 के बाद लाइसेंस वालों के लिए Same-day SAR रिपोर्टिंग
गैर-सऊदी अपराधी सरकार दोषी पाए जाने पर डिपोर्ट करना और दोबारा एंट्री पर रोक

सख्त सजा और नए प्रावधान

नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब और भी सख्त कार्रवाई होगी. कोर्ट अब लॉन्ड्रिंग किए गए पैसों और उससे जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश देगा. साथ ही, दोषी पाए गए सऊदी नागरिकों पर जेल की अवधि के बराबर ट्रैवल बैन लगाया जाएगा. विदेशी नागरिकों को देश से बाहर (deport) कर दिया जाएगा और उन्हें दोबारा सऊदी आने की अनुमति नहीं मिलेगी, सिवाय हज या उमराह के लिए.

सऊदी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (SAFIU) ने इसके लिए TAQASIY नाम का एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, जिसके जरिए संदिग्ध ट्रांजेक्शन की रिपोर्टिंग और निगरानी की जाएगी.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.