सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रवासियों के मेडिकल टेस्ट करने वाले केंद्रों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। सरकार ने इन सेंटर्स के लिए औचक निरीक्षण (Supervisory Visits) शुरू कर दिया है ताकि यह पक्का किया जा सके कि मेडिकल रिपोर्ट सही और भरोसेमंद हों। यह कदम उन सभी प्रवासियों के लिए बहुत ज़रूरी है जो अपना इकामा (Iqama) बनवाना या रिन्यू करवाना चाहते हैं।

मेडिकल सेंटर्स की होगी कड़ी जांच

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस अभियान का नाम ‘ضمان موثوقية فحوصات العمالة الوافدة’ रखा है, जिसका मतलब है प्रवासी श्रमिकों की जांच की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना। इस मुहिम का मुख्य मकसद मेडिकल टेस्ट की क्वालिटी को सुधारना और गलत रिपोर्ट को रोकना है। यह पूरा काम सऊदी विज़न 2030 के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने के लिए किया जा रहा है।

  • निरीक्षण टीमें यह देखेंगी कि लैब के उपकरण सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
  • काम करने वाले स्टाफ के पास ज़रूरी डिग्री और अनुभव होना चाहिए।
  • बिना असल मेडिकल टेस्ट किए हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करने पर पूरी तरह रोक है।
  • संक्रामक बीमारियों की जानकारी तुरंत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देनी होगी।

लापरवाही बरतने वाले सेंटर्स पर भारी जुर्माना

मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि अगर कोई हेल्थ सेंटर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्राइवेट हेल्थ इंस्टीट्यूशंस लॉ के तहत निम्नलिखित पेनल्टी लगाई जा सकती है:

  • जुर्माना: 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • सेंटर बंद: सेंटर को 60 दिनों तक के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
  • लाइसेंस रद्द: गंभीर गलती होने पर सेंटर का ऑपरेटिंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।

प्रवासियों और इकामा प्रक्रिया पर असर

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है। जब कोई प्रवासी अपना मेडिकल कराता है, तो उसकी रिपोर्ट ‘Efada’ प्लेटफॉर्म के ज़रिए सीधे जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स (Jawazat) को भेजी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मोहम्मद अल-सिनान ने बताया कि यह कोशिशें समाज के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार जारी रहेंगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सऊदी अरब में इकामा के लिए मेडिकल टेस्ट ज़रूरी है?

हाँ, सऊदी अरब में नया इकामा प्राप्त करने या पुराने इकामा को रिन्यू कराने के लिए मेडिकल टेस्ट करवाना एक अनिवार्य नियम है।

अगर मेडिकल सेंटर गलत रिपोर्ट बनाता है तो उस पर क्या कार्रवाई होगी?

नियम तोड़ने वाले सेंटर्स पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है, उन्हें 60 दिनों के लिए बंद किया जा सकता है या उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.