सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने विदेशी कामगारों के मेडिकल टेस्ट की विश्वसनीयता जांचने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि प्रवासियों की स्वास्थ्य जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। इस अभियान का सीधा असर उन सभी प्रवासियों पर पड़ेगा जो सऊदी अरब में काम करने के लिए मेडिकल टेस्ट करवाते हैं।

क्या है यह अभियान और इसका मकसद

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 7 जून 2026 के आसपास “प्रवासी श्रमिकों की परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना” अभियान की शुरुआत की। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि मेडिकल टेस्ट के नतीजे सही और सटीक हों। सरकार यह जांच रही है कि स्वास्थ्य केंद्र तय मानकों और प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं या नहीं।

  • प्रयोगशाला के उपकरणों का नियमित रूप से कैलिब्रेशन होना चाहिए।
  • जांच करने वाले तकनीकी स्टाफ के पास सही योग्यता और अनुभव होना जरूरी है।
  • रिपोर्टिंग के लिए आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का उपयोग अनिवार्य है।

नियमों की अनदेखी पर भारी जुर्माना

स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि जो निजी स्वास्थ्य संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर निम्नलिखित सजाएं मिल सकती हैं:

  • जुर्माना: 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • बंद करना: संस्थान को 60 दिनों तक के लिए बंद किया जा सकता है।
  • लाइसेंस: गंभीर मामलों में संस्थान का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

विजन 2030 और स्वास्थ्य सेवा में सुधार

यह पूरा अभियान सऊदी अरब के विजन 2030 के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र परिवर्तन कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली बनाना है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो। मंत्रालय का कहना है कि यह निगरानी कार्य लगातार जारी रहेगा ताकि जनता के स्वास्थ्य और समुदाय की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.