सऊदी अरब में हज सीजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। बिना आधिकारिक हज परमिट के मक्का यानी पवित्र राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 11 प्रवासियों को सऊदी अधिकारियों ने धर दबोचा है। ये लोग कच्चे रास्तों और घाटियों के जरिए मक्का में घुसने और वहां बिना परमिट के रुकने की फिराक में थे। सऊदी सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण इन सभी को रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया गया।

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पकड़े गए प्रवासियों में कौन-कौन से देशों के लोग शामिल हैं?

सऊदी अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े गए लोगों में अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं। इनमें दो निवासी सेनेगल देश के हैं, जो सऊदी में रह रहे थे। इसके अलावा नौ अन्य प्रवासी उज्बेकिस्तान, अल्जीरिया और इंडोनेशिया के रहने वाले हैं। इन सभी लोगों को गैर-कानूनी तरीके से मक्का सीमा पार करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

सऊदी अरब में बिना परमिट मक्का प्रवेश पर क्या है नियम?

सऊदी सरकार के नियमों के अनुसार, हज सीजन के दौरान मक्का में प्रवेश करने के लिए हर व्यक्ति के पास आधिकारिक हज परमिट होना बेहद जरूरी है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि बिना अनुमति के मक्का में प्रवेश करने वाले प्रवासियों को भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है और उन्हें सऊदी अरब से हमेशा के लिए डिपोर्ट भी किया जा सकता है।

अवैध रास्तों और घाटियों का कर रहे थे इस्तेमाल

पकड़े गए प्रवासियों ने मक्का में प्रवेश करने के लिए मुख्य चेक पोस्ट को छोड़कर कच्चे रास्तों और घाटियों का रास्ता चुना था। वे सोच रहे थे कि इन सुनसान रास्तों से वे बिना चेकिंग के निकल जाएंगे। सऊदी न्यूज़ के अनुसार, पुलिस की गश्ती टीमों ने इन कच्चे रास्तों पर भी कड़ी निगरानी रखी हुई थी, जिसके कारण इन सभी को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का में प्रवेश करने के लिए किस दस्तावेज की आवश्यकता होती है?

हज सीजन के दौरान मक्का में प्रवेश करने और वहां रुकने के लिए सऊदी सरकार द्वारा जारी आधिकारिक हज परमिट होना अनिवार्य है।

बिना परमिट मक्का जाने की कोशिश करने पर क्या सजा मिलती है?

बिना परमिट मक्का जाने की कोशिश करने पर प्रवासियों को हिरासत में लिया जाता है, भारी जुर्माना लगाया जाता है और उन्हें देश से डिपोर्ट भी किया जा सकता है।