सऊदी अरब में पिछले एक हफ्ते के दौरान बड़े पैमाने पर छापेमारी हुई है। आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) के संयुक्त अभियानों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले हजारों प्रवासियों को पकड़ा है। इस कार्रवाई के बाद 11 हजार से ज्यादा लोगों को देश से बाहर भेज दिया गया है। यह अभियान पूरे किंगडम के सभी क्षेत्रों में चलाया गया था।

एक हफ्ते की कार्रवाई में कितने लोग पकड़े गए?

संयुक्त अभियानों के दौरान कुल 9,500 से ज्यादा उल्लंघन करने वालों को पकड़ा गया। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के लोग शामिल थे:

  • इकामा नियम उल्लंघन: 4,800 लोग पकड़े गए।
  • बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों का उल्लंघन: 3,300 लोग पकड़े गए।
  • लेबर नियमों का उल्लंघन: करीब 1,400 लोग पकड़े गए।
  • अवैध प्रवेश: 1,500 लोग बॉर्डर पार कर अंदर आने की कोशिश करते हुए पकड़े गए, जिनमें 60% इथियोपियाई और 38% यमन के नागरिक थे।
  • अवैध प्रस्थान: 58 लोग अवैध तरीके से देश से बाहर जाने की कोशिश में पकड़े गए।

नियम तोड़ने और मदद करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई?

सऊदी सरकार ने साफ किया है कि जो लोग अवैध प्रवासियों को शरण देंगे, उन्हें ले जाएंगे या नौकरी पर रखेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे लोगों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही, उनके घर और गाड़ियां भी जब्त की जाएंगी और उनकी पहचान सार्वजनिक की जाएगी।

फिलहाल, 26,600 प्रवासी कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जिनमें 1,573 महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से 17,700 लोगों को यात्रा दस्तावेज़ बनवाने के लिए उनके देशों के दूतावास भेजा गया है और 2,311 लोगों की टिकट बुकिंग की प्रक्रिया चल रही है।

नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट कैसे करें?

सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी उल्लंघन की सूचना तुरंत दें। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नंबर जारी किए गए हैं:

  • मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी क्षेत्र: 911 नंबर पर कॉल करें।
  • अन्य क्षेत्र: 999 या 996 नंबर पर संपर्क करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों को शरण देने पर क्या सज़ा है?

अवैध प्रवासियों को पनाह देने या मदद करने वालों को 15 साल तक की कैद और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही प्रवासियों को रखने में इस्तेमाल घर और गाड़ी भी जब्त की जाएगी।

पकड़े गए प्रवासियों का अब क्या होगा?

अब तक 11,226 लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है। बाकी लोगों को उनके दूतावास भेजा गया है ताकि वे ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स बनवा सकें और देश वापस जा सकें।