क्षेत्र में तनाव के बीच Saudi Crown Prince ने Kuwait के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। 22 जुलाई 2026 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब कुवैत के बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
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कुवैत के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
ईरान की ओर से लगातार चार दिनों तक Kuwait की बिजली और पानी के प्लांट पर हमले किए गए हैं। इन हमलों की वजह से प्लांट में आग लग गई और काफी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि इन प्लांट्स से देश को लगभग 90% पीने का पानी मिलता है, जिससे वहां के निवासियों के लिए स्थिति गंभीर हो गई है। इसके अलावा, 22 जुलाई को ईरान ने कुवैत में रडार साइट्स पर भी हमला किया है।
तनाव का दायरा बढ़ा
इस संकट का असर अब कई देशों तक फैल गया है। 22 जुलाई को United States ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। 21 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर भी हमला हुआ, जिससे चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। वहीं, यमन के Houthi rebels ने सऊदी अरब के लिए समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है, जिससे रेड सी के रास्ते होने वाले व्यापार पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने की चेतावनी दी है।
