सऊदी अरब ने यमन के लोगों की जान बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। किंग सलमान रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने ‘मसाम’ प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। इस काम के लिए करीब 52,531,168.65 अमेरिकी डॉलर खर्च किए जाएंगे ताकि वहां की जमीनों से खतरनाक बारूद और माइन्स को हटाया जा सके।
मानवीय मदद के लिए सऊदी का प्रयास
19 जून 2026 को इस फैसले की जानकारी दी गई। किंग सलमान रिलीफ सेंटर के सुपरवाइजर डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-रबीआ ने बताया कि यह काम मानवीय जिम्मेदारी के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये माइन्स जानबूझकर ऐसे तरीके से बिछाई गई थीं जिससे आम नागरिकों को नुकसान पहुंचे और उन्हें गंभीर चोटें लगें। इन माइन्स की वजह से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है और कई लोग हमेशा के लिए अपाहिज हो गए हैं।
कौन कर रहा है यह काम
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सऊदी अरब के अपने लोग और दुनिया भर के एक्सपर्ट्स काम कर रहे हैं। इसके साथ ही यमन के उन लोगों की भी मदद ली जा रही है जिन्हें माइन्स हटाने की खास ट्रेनिंग दी गई है। इस टीम का मकसद यमन की जमीन को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है ताकि आम लोग बिना किसी डर के वहां रह सकें।
अब तक की कामयाबी
इस प्रोजेक्ट ने अब तक काफी बड़ी कामयाबी हासिल की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक कुल 5,67,182 एंटी-पर्सनल और एंटी-टैंक माइन्स के साथ-साथ कई बिना फटे बमों और गोला-बारूद को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा चुका है।