सऊदी अरब ने यमन की ज़मीन से खतरनाक बारूद और लैंडमाइन्स हटाने के काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। किंग सलमान रिलीफ सेंटर के जरिए ‘मसाम’ प्रोजेक्ट की समय सीमा को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। इस काम का मकसद वहां के आम लोगों की जान बचाना और इलाके में सुरक्षा बढ़ाना है।

ℹ: सऊदी अरब का बड़ा फैसला, यमन में बारूद और माइन्स हटाने के लिए दिए 52 मिलियन डॉलर, एक साल बढ़ाया गया प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट

इस प्रोजेक्ट के लिए सऊदी सरकार ने 52,531,168.65 अमेरिकी डॉलर की रकम तय की है। 19 जून 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। ‘मसाम’ प्रोजेक्ट की शुरुआत दिसंबर 2017 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य यमन की ज़मीन को माइन्स और बिना फटे गोला-बारूद से मुक्त करना है ताकि वहां पुनर्निर्माण का काम शुरू हो सके।

किंग सलमान ह्युमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) के सुपरवाइजर जनरल डॉ अब्दुल्ला अल-रबीह ने कहा कि यह यमन के प्रति उनकी मानवीय जिम्मेदारी है। वहीं प्रोजेक्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर ओसामा अलगोसैबी ने सऊदी अरब के इस सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया और बताया कि यमन में लैंडमाइन्स एक बड़ी आपदा की तरह हैं।

इस प्रोजेक्ट में सऊदी कर्मियों के साथ अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स और यमन की ट्रेंड टीमें काम कर रही हैं। प्रोजेक्ट के हालिया अपडेट्स इस प्रकार हैं:

  • जून 2026 के दूसरे हफ्ते में 2,045 माइन्स हटाए गए।
  • जून की शुरुआत से 12 जून तक कुल 2,843 विस्फोटक उपकरण निकाले गए।
  • प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 5,67,182 विस्फोटक आइटम हटाए जा चुके हैं।