सऊदी अरब में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। जून के बीच में आए इस हीटवेव ने कई शहरों में तापमान को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे आम जनता और हज यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मक्का और मदीना जैसे शहरों में गर्मी इतनी बढ़ गई कि हालात काफी गंभीर हो गए।

नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी (NCM) ने पहले ही मदीना क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी की थी कि तापमान 47°C से 48°C तक जा सकता है। 16 से 18 जून के बीच अल-अहसा में तापमान 48°C और क़ैसुमाह में 47°C तक गया। वहीं मदीना, दम्माम और बुरैदा में 46°C, जबकि यनबू, रफ़ा और वादी अल-दवासिर में 45°C तापमान दर्ज किया गया। राजधानी रियाद में भी पारा 44°C तक पहुंच गया था।

इस गर्मी का सबसे बुरा असर हज यात्रियों पर पड़ा। मक्का की ग्रैंड मस्जिद में तापमान 51.8°C तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण गर्मी की वजह से दुनिया भर में करीब 1,000 लोगों की जान गई, जिसमें सऊदी अरब का बड़ा हिस्सा था। सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मौतों की मुख्य वजह लोगों की पहले से खराब सेहत और उनकी शारीरिक कमजोरी थी।

ClimaMeter नाम के एक स्वतंत्र वैज्ञानिक ग्रुप ने 20 जून को अपनी एनालिसिस जारी की। उन्होंने बताया कि जून 2024 की यह गर्मी बहुत असामान्य थी और यह पिछले हीटवेव के मुकाबले 2.5°C ज़्यादा गर्म था। वैज्ञानिकों ने इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य कारण इंसानों द्वारा फैलाया गया जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को बताया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.