मक्का में सुरक्षा बलों ने एक मिस्र के आदमी और औरत को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए फर्जी हज सेवाओं के विज्ञापन चलाकर लोगों को ठगा था। सऊदी अरब में हज के नाम पर चल रहे ऐसे घोटालों से प्रवासियों, खासकर भारतीयों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन और गिरफ्तारी
18 मई 2026 को मक्का के सुरक्षा पेट्रोल ने एक मिस्र के पुरुष और महिला को धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा। इन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हज के लिए रहने और ट्रांसपोर्ट की फर्जी सुविधाएं देने का वादा किया था। कानूनी कार्रवाई के बाद अब इन्हें Public Prosecution के हवाले कर दिया गया है।
हज नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सजा
Ministry of Hajj and Umrah ने साफ किया है कि केवल आधिकारिक हज वीज़ा ही पवित्र स्थलों में जाने के लिए मान्य है। नियमों का पालन न करने वालों के लिए सख्त सजा तय की गई है:
- नियम तोड़ने पर 20,000 से 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले निवासियों और ओवरस्टेयर्स को डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
- ऐसे लोगों पर सऊदी अरब में आने के लिए 10 साल का बैन लगाया जाएगा।
- बिना परमिट के लोगों को ले जाने वाले वाहनों को जब्त किया जा सकता है।
धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ और कैसे करें
Public Security ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से हज नियमों का पालन करने की अपील की है। अगर किसी को कोई गड़बड़ी दिखे तो वे तुरंत इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं:
- मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लिए 911 नंबर पर कॉल करें।
- सऊदी अरब के बाकी हिस्सों के लिए 999 नंबर का इस्तेमाल करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिना आधिकारिक वीज़ा के हज करना कानूनी है?
नहीं, Ministry of Hajj and Umrah के अनुसार केवल आधिकारिक और वैध हज वीज़ा ही पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए मान्य है। इसके बिना यात्रा करना गैरकानूनी है।
हज नियमों को तोड़ने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
हज नियमों का उल्लंघन करने पर 20,000 से 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है और दोषी को डिपोर्ट भी किया जा सकता है।
