सऊदी अरब में मक्का जाने के लिए फर्जी परमिट बनाने वाले एक निवासी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हज 2026 के लिए सरकार ने बहुत सख्त नियम बनाए हैं और चेतावनी दी है कि बिना परमिट मक्का में घुसना भारी पड़ेगा। अब नियमों की अनदेखी करने वालों को न केवल भारी जुर्माना भरना होगा बल्कि उन्हें देश से बाहर भी निकाला जा सकता है।

ℹ️: UAE Rail Update: फुजैराह में तैयार हुआ पहला पैसेंजर स्टेशन, बड़े नेताओं ने किया दौरा, अब सफर होगा और भी आसान

बिना परमिट मक्का जाने पर क्या होगी सजा?

सऊदी अरब के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने साफ किया है कि जो लोग बिना वैध परमिट के हज करेंगे, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रवासियों (Expats) के लिए यह जुर्माना 5 लाख सऊदी रियाल (SAR 500,000) तक हो सकता है। जुर्माने के साथ ही उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा और अगले 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने की मनाही होगी। वहीं, जो लोग दूसरों को फर्जी परमिट दिलाने, ट्रांसपोर्ट या रहने की जगह देने में मदद करेंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मक्का में एंट्री के लिए क्या हैं जरूरी नियम और तारीखें?

मक्का शहर में बिना परमिट प्रवेश पर पाबंदी 4 मई 2026 से लागू हो गई है। हालांकि, वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए यह नियम 13 अप्रैल 2026 से ही शुरू हो गया था। केवल उन्हीं लोगों को अनुमति है जिनके पास मक्का का आईडी कार्ड, वैध हज परमिट या वहां काम करने का आधिकारिक परमिट है। हज परमिट के लिए आवेदन केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे Nusuk, Tawakkalna और Absher के जरिए ही किया गया है। जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स ने बताया है कि अब पासपोर्ट की जगह Absher प्लेटफॉर्म के डिजिटल विजिटर आईडी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

उमराह यात्रियों और हज के लिए जरूरी अपडेट

उमराह पर आए विदेशी यात्रियों के लिए देश छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 थी। इसके बाद सऊदी अरब में रुकने वालों को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट जारी करने का काम धुल-क़दह की शुरुआत से 14 धुल-हिज्जा तक के लिए रोक दिया गया है। हज का मुख्य सीजन 25 मई से 29 मई 2026 के बीच रहने की उम्मीद है। अधिकारियों ने लोगों को सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी विज्ञापनों और बिना लाइसेंस वाली एजेंसियों के झांसे में न आने की सलाह दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट मक्का जाने पर प्रवासियों को कितनी सजा हो सकती है?

नियम तोड़ने वाले प्रवासियों पर 5 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब में प्रवेश नहीं मिलेगा।

हज और मक्का एंट्री के लिए कौन से आधिकारिक प्लेटफॉर्म मान्य हैं?

हज और एंट्री परमिट के लिए केवल Nusuk, Tawakkalna और Absher जैसे आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए।