सऊदी अरब में विदेशी निवेश की बाढ़ आ गई है। साल 2025 के अंत तक विदेशी निवेश (FDI) 1 ट्रिलियन रियाल के पार चला गया, जिसमें 13% की बढ़ोतरी हुई है। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) के आंकड़ों के मुताबिक, अब दुनिया भर की कंपनियां सऊदी की अर्थव्यवस्था पर ज़्यादा भरोसा कर रही हैं।
2025 के निवेश के आंकड़े क्या कहते हैं?
सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश तेज़ी से बढ़ा है। साल 2025 के अंत तक कुल FDI स्टॉक 19% बढ़कर 3.32 ट्रिलियन रियाल तक पहुंच गया। अकेले चौथी तिमाही (Q4) में नेट FDI निवेश में 90% का भारी उछाल देखा गया। निवेश के ये आंकड़े बताते हैं कि सऊदी अरब अब ग्लोबल मार्केट के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया है।
| विवरण | आंकड़े (2025) | बढ़ोतरी/बदलाव |
|---|---|---|
| कुल FDI इनफ्लो | 1 ट्रिलियन रियाल से ज़्यादा | 13% YoY |
| कुल FDI स्टॉक | 3.32 ट्रिलियन रियाल | 19% YoY |
| Q4 नेट FDI इनफ्लो | 48.4 बिलियन रियाल | 90% YoY |
| Q1 नेट FDI इनफ्लो | 22.2 बिलियन रियाल | 44% YoY |
| Q2 नेट FDI इनफ्लो | 22.8 बिलियन रियाल | 14.5% YoY |
| Q3 FDI इनफ्लो | 1,049.7 बिलियन रियाल | 10% YoY |
| कुल विदेशी निवेश में FDI हिस्सा | करीब 33% | – |
नए नियम और निवेशकों के लिए क्या सुविधाएं हैं?
फरवरी 2025 से लागू हुए नए इन्वेस्टमेंट लॉ ने बिजनेस करना बहुत आसान बना दिया है। अब विदेशी और स्थानीय निवेशकों को एक जैसा ट्रीटमेंट मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि अब विदेशी निवेश लाइसेंस की पुरानी शर्त को खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा, मक्का और मदीना की रियल एस्टेट कंपनियों में भी अब विदेशी लोग शेयर या कन्वर्टिबल डेट के ज़रिए निवेश कर सकेंगे।
विज़न 2030 और ग्लोबल कंपनियों का असर
इन्वेस्टमेंट मिनिस्टर खालिद अल-फालिह ने बताया कि विज़न 2030 के बाद से विदेशी निवेश पांच गुना बढ़ गया है। अब तक 700 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने रीजनल हेडक्वार्टर सऊदी अरब शिफ्ट कर लिए हैं। विदेशी निवेशकों की संख्या बढ़कर 62,000 हो गई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था और मज़बूत होगी।
