सऊदी अरब ने विदेशी निवेश यानी Foreign Direct Investment के मामले में दुनिया भर में अपनी धाक जमाई है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNCTAD की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में 13वें स्थान पर आ गया है। साल 2024 में देश 17वें स्थान पर था, जिससे यह साफ है कि बड़े निवेशक अब सऊदी के बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
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निवेश में भारी बढ़ोतरी
साल 2025 में सऊदी अरब में विदेशी निवेश का आंकड़ा करीब $32.6 बिलियन तक पहुंच गया। यह पिछले साल के $21.3 बिलियन के मुकाबले लगभग 53 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि है। देश में कुल विदेशी निवेश का स्टॉक अब $293.3 बिलियन हो गया है। सऊदी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक हर साल $100 बिलियन का विदेशी निवेश हासिल किया जाए।
किन सेक्टरों पर है जोर
सऊदी अरब के ‘Vision 2030’ के तहत ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, तकनीक, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ी है। सरकार की नई नीतियों और व्यापार करने के आसान नियमों की वजह से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, GASTAT के आंकड़ों के अनुसार साल 2026 की पहली तिमाही में निवेश में मामूली उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है, लेकिन लंबी अवधि के लिए सऊदी का बाजार काफी मजबूत माना जा रहा है।
