Saudi Arabia FDI: सऊदी अरब में विदेशी निवेश ने तोड़े रिकॉर्ड, 2026 की पहली तिमाही में पहुंचा 1.123 ट्रिलियन रियाल

सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है, जहां देश में विदेशी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी एफडीआई में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सऊदी सेंट्रल बैंक की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 की पहली तिमाही के अंत तक सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में विदेशी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का स्टॉक बढ़कर लगभग SR1,122.8 अरब यानी 1.123 ट्रिलियन रियाल तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2025 की इसी अवधि के मुकाबले पूरे 12 प्रतिशत की शानदार तेजी को दिखाता है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को बयां करता है।
सऊदी अरब में कुल विदेशी निवेश का हाल
सऊदी सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के अनुसार, कुल विदेशी निवेश में एफडीआई की हिस्सेदारी लगभग 32 प्रतिशत रही है। साल 2026 की पहली तिमाही के आखिर तक सऊदी अर्थव्यवस्था में कुल विदेशी निवेश का स्टॉक बढ़कर SR3,530.8 अरब पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18 प्रतिशत ज्यादा है। इस तरह से देश के भीतर विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और वे यहां लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स में खुलकर पैसा लगा रहे हैं।
विदेशी निवेश का अलग-अलग क्षेत्रों में बंटवारा
सऊदी अरब में विदेशी निवेश को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट और अन्य निवेश शामिल हैं। पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट के तहत इक्विटी, इन्वेस्टमेंट फंड शेयर और डेट सिक्योरिटीज शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य SR1,467.3 अरब है। इसके अलावा, अन्य निवेश का कुल मूल्य SR940.7 अरब दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का मतलब एक ऐसे निवेश से है जो लंबे समय के रिश्ते और आपसी आर्थिक हितों को मजबूत करता है। इसमें आमतौर पर विदेशी निवेशक के पास शेयरधारकों की इक्विटी का 10 प्रतिशत या उससे ज्यादा हिस्सा होता है।