सऊदी अरब में विदेशी निवेश को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। विजन 2030 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में विदेशी निवेश (FDI) अब 1.1 ट्रिलियन सऊदी रियाल के पार पहुँच गया है। 2017 के बाद से निवेश में हुई इस भारी बढ़ोतरी ने दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान खींचा है।
सऊदी अरब में विदेशी निवेश के आंकड़े क्या कहते हैं?
विजन 2030 की सालना रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में विदेशी निवेश की कुल राशि अब 1.1 ट्रिलियन रियाल से ज़्यादा हो गई है। अगर 2017 से तुलना करें, तो इसमें 104% की ग्रोथ हुई है। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने बताया कि 2024 के मुकाबले 2025 के अंत तक निवेश में 13% की बढ़त हुई है।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल विदेशी निवेश (FDI Stock) | 1.1 ट्रिलियन रियाल से ज़्यादा |
| 2017 के बाद से कुल बढ़ोतरी | 599 बिलियन रियाल |
| कुल ग्रोथ प्रतिशत | 104% |
| जीडीपी (GDP) में योगदान | 30% |
| 2024 के मुकाबले बढ़त | 13% |
| SAMA द्वारा दर्ज सटीक राशि | 1099.7 बिलियन रियाल |
विदेशी निवेशकों के लिए क्या हैं नए नियम?
सऊदी अरब ने निवेशकों को लुभाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। 1 फरवरी 2026 से नया नियम लागू हुआ, जिसके तहत अब सभी तरह के विदेशी निवेशक सीधे सऊदी की लिस्टेड कंपनियों में पैसा लगा सकते हैं। पहले इसके लिए कुछ पाबंदियां थीं, जिन्हें अब पूरी तरह हटा दिया गया है।
- नया इन्वेस्टमेंट कानून: अब एक नेशनल इन्वेस्टर रजिस्टर के जरिए निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
- डेटा की पारदर्शिता: निवेश के आंकड़ों को सही और पारदर्शी रखने के लिए IMF के साथ मिलकर नया तरीका अपनाया गया है।
- क्वार्टरली सर्वे: साल 2024 से सभी विदेशी कंपनियों के लिए हर तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देना जरूरी कर दिया गया है।
इन्वेस्टमेंट मिनिस्टर खालिद बिन अब्दुलअजीज अल फालिह ने कहा कि इन सुधारों से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि सऊदी लोगों के लिए प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के मौके भी ज़्यादा मिलेंगे।