सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय और नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर (NDMC) ने HSBC बैंक को प्राइमरी डीलर नियुक्त किया है। यह फैसला 7 मई 2026 को लिया गया। इस कदम का मकसद सऊदी विजन 2030 के तहत वित्तीय क्षेत्र को मजबूत बनाना और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है। इससे किंगडम के लोकल डेट मार्केट में ग्लोबल स्तर पर दिलचस्पी बढ़ेगी।

HSBC की नियुक्ति से क्या बदलाव आएगा और इसका क्या फायदा है?

HSBC अब विदेशी निवेशकों और सऊदी सरकार के लोकल डेट इंस्ट्रूमेंट्स के बीच एक कड़ी का काम करेगा। नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर (NDMC) हर महीने प्राइमरी मार्केट में सरकारी कर्ज के साधनों के लिए सब्सक्रिप्शन की सुविधा देता है, जिसमें प्राइमरी डीलर निवेशकों के ऑर्डर लेने की जिम्मेदारी संभालते हैं।

  • यह कदम फाइनेंशियल सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (FSDP) का हिस्सा है।
  • इससे निवेशकों का दायरा बढ़ेगा और मार्केट में पैसे का बहाव बेहतर होगा।
  • सऊदी कर्ज उपकरणों को JPMorgan और Bloomberg जैसे ग्लोबल इंडेक्स में जगह मिली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो में इनकी मौजूदगी बढ़ेगी।
  • HSBC के ग्रुप सीईओ जॉर्ज एल्हेडेरी ने इस आर्थिक बदलाव पर चर्चा के लिए सऊदी अरब का दौरा भी किया।

लोकल डेट प्रोग्राम में शामिल अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बैंक

सऊदी सरकार के इस खास प्रोग्राम में अब HSBC के साथ कई अन्य बड़े बैंक भी काम कर रहे हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय दोनों तरह की वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं, जो मार्केट की तरलता (liquidity) को बनाए रखने में मदद करती हैं।

संस्था का प्रकार बैंकों और कंपनियों के नाम
अंतरराष्ट्रीय बैंक HSBC, BNP Paribas, Citigroup, Goldman Sachs, JPMorgan, Standard Chartered, Société Générale
स्थानीय संस्थान Saudi National Bank (SNB), Saudi Awwal Bank (SAB), Bank AlJazira, Alinma Bank, Al Rajhi Bank, Albilad Capital, Aljazira Capital, Al Rajhi Capital, Derayah Financial Company, Saudi Fransi Capital

HSBC का रणनीतिक पार्टनर SAB बैंक 2018 से ही स्थानीय निवेशकों के लिए प्राइमरी डीलर के रूप में काम कर रहा है। HSBC मिडिल ईस्ट के नबील अल्बलोशी के मुताबिक, यह फैसला सऊदी कर्ज मार्केट की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्राइमरी डीलर का क्या काम होता है?

प्राइमरी डीलर सरकारी कर्ज के साधनों (जैसे बॉन्ड) को निवेशकों तक पहुँचाने का काम करते हैं। ये बैंक सरकार की तरफ से निवेशकों के ऑर्डर लेते हैं और मार्केट में तरलता बनाए रखते हैं।

इस फैसले का सऊदी अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सऊदी मार्केट में निवेश करना आसान होगा। साथ ही, ग्लोबल इंडेक्स में शामिल होने से सऊदी अरब की वित्तीय स्थिति दुनिया भर में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.