यमन की सरकार ने सऊदी अरब का आभार जताया है क्योंकि सऊदी अरब ने यमन की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए एक नया आर्थिक पैकेज दिया है। यमन के सूचना मंत्रालय ने साफ कहा कि अगर सऊदी अरब का साथ नहीं मिलता, तो यमन राजनीतिक, राजनयिक और आर्थिक तौर पर पूरी तरह ढह गया होता। यह मदद यमन के सरकारी कामकाज को चलाने और आम लोगों की तकलीफों को कम करने के लिए दी गई है।
यमन के सूचना मंत्री Muammar Al-Eryani ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब ने 224.6 मिलियन सऊदी रियाल (लगभग 60 मिलियन डॉलर) की नई आर्थिक सहायता दी है। इस रकम का इस्तेमाल यमन के बजट घाटे को भरने, सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह देने और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
सऊदी अरब के राजदूत Mohammed Al Jaber ने इस मदद की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह सहायता सऊदी नेतृत्व के निर्देश पर दी गई है और इसकी निगरानी रक्षा मंत्री Prince Khalid bin Salman कर रहे हैं। इस कदम का मकसद यमन की करेंसी यानी रियाल की कीमत को स्थिर करना और सरकारी सेवाओं को बिना रुके जारी रखना है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
सऊदी अरब द्वारा यमन को दी गई आर्थिक मदद का ब्यौरा
| विवरण | जानकारी/रकम |
|---|---|
| ताजा आर्थिक मदद (रियाल) | 224.6 मिलियन सऊदी रियाल |
| ताजा आर्थिक मदद (डॉलर) | लगभग 60 मिलियन डॉलर |
| 4 महीने पहले मिली मदद (रियाल) | 1.3 बिलियन सऊदी रियाल |
| 4 महीने पहले मिली मदद (डॉलर) | लगभग 347 मिलियन डॉलर |
| कुल आर्थिक मदद (2012-2026) | 12.6 बिलियन डॉलर से अधिक |
| मुख्य उद्देश्य | सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह और बजट घाटा |
| अन्य लाभ | विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती और सार्वजनिक सेवाएं |
सऊदी अरब पिछले कई सालों से यमन की अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहा है। 2012 से 2026 के बीच सऊदी अरब ने कुल 12.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की विकासात्मक और आर्थिक मदद यमन को मुहैया कराई है। इससे पहले भी करीब चार महीने पहले 1.3 बिलियन सऊदी रियाल का एक बड़ा पैकेज दिया गया था ताकि वहां की सरकार अपना कामकाज सुचारू रूप से चला सके।