सऊदी अरब में अब सड़कों पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें दिखेंगी. सरकार ने अपनी पहली हाइड्रोजन बस की टेस्टिंग शुरू कर दी है. यह कदम देश के विज़न 2030 का हिस्सा है ताकि ट्रांसपोर्ट को साफ सुथरा बनाया जा सके और प्रदूषण को खत्म किया जा सके.

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हाइड्रोजन बस की क्या हैं खासियतें

  • इस बस की सबसे बड़ी खूबी इसकी रेंज है, जो एक बार फुल होने पर 635 किलोमीटर तक चल सकती है.
  • इस बस में एक साथ 45 यात्री सफर कर सकते हैं.
  • यह बस पर्यावरण के लिए सुरक्षित है क्योंकि इससे धुआं नहीं निकलता और केवल पानी की भाप बाहर आती है.

विज़न 2030 और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर

सऊदी सरकार अपने विज़न 2030 के तहत देश में ट्रांसपोर्ट के नए और साफ तरीके अपना रही है. हाइड्रोजन बस का ट्रायल यह बताता है कि भविष्य में पब्लिक ट्रैवल का तरीका बदल जाएगा. इससे शहरों में हवा की क्वालिटी सुधरेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. सरकार का लक्ष्य ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह ज़ीरो-इमिशन बनाना है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब की नई हाइड्रोजन बस एक बार में कितनी दूर चलेगी

सऊदी अरब की पहली हाइड्रोजन बस की रेंज 635 किलोमीटर है, जो इसे लंबी दूरी के सफर के लिए बेहतर बनाती है.

क्या हाइड्रोजन बस से प्रदूषण होता है

नहीं, यह बस ज़ीरो-इमिशन वाली है और इसमें से कोई जहरीला धुआं नहीं निकलता, सिर्फ पानी की भाप बाहर आती है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.