Fitch Ratings ने सऊदी अरब की क्रेडिट रेटिंग को ‘A+’ पर बरकरार रखा है और इसका आउटलुक ‘Stable’ रखा है। यह खबर सबसे पहले सऊदी न्यूज़ आउटलेट Akhbar24 ने साझा की। इस रेटिंग का सीधा मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है।
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Fitch ने बताया कि सऊदी अरब के पास विदेशी संपत्ति और सरकारी जमा पूंजी का अच्छा भंडार है। यह देश की आर्थिक मजबूती का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा, Vision 2030 के तहत जो सुधार किए जा रहे हैं, उनका भी अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ रहा है।
आर्थिक आंकड़ों की जानकारी
आने वाले सालों के लिए Fitch ने कुछ महत्वपूर्ण अनुमान लगाए हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| विवरण | अनुमान/स्थिति |
|---|---|
| क्रेडिट रेटिंग | A+ |
| आउटलुक | Stable |
| विदेशी मुद्रा भंडार (2026) | 11.6 महीने के खर्च के बराबर |
| नेट विदेशी संपत्ति (2026) | GDP का 41.2% |
| करंट अकाउंट घाटा (2026) | GDP का 4.3% |
| राजकोषीय घाटा (2027) | GDP का 3.6% |
| GDP ग्रोथ (2026) | 4.8% |
Fitch के मुताबिक, सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में तेल पर निर्भरता और दुनिया के राजनीतिक हालात अभी भी कुछ कमजोरियां हैं। लेकिन सरकार जो सामाजिक और आर्थिक बदलाव कर रही है, उससे देश में व्यापार के नए रास्ते खुल रहे हैं और आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
अनुमान है कि 2026 में आयात बढ़ने की वजह से करंट अकाउंट घाटा बढ़ सकता है, लेकिन 2027 तक इसमें कमी आने की उम्मीद है।
