सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) के पास मौजूद नेट विदेशी संपत्ति उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2025 के अंत तक इन संपत्तियों के 437 बिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया था, लेकिन देश ने इस आंकड़े को काफी पहले ही पार कर लिया है।

ℹ: Strait of Hormuz Tension: अमेरिका ने ईरान को दी चेतावनी, कहा अंतरराष्ट्रीय रास्तों पर नहीं चलेगी मनमानी

सऊदी अरब की मजबूत आर्थिक स्थिति

साल 2025 के अंत में सऊदी सेंट्रल बैंक की ओर से जारी मासिक सांख्यिकीय बुलेटिन के अनुसार, देश के कुल आरक्षित भंडार लगभग 461 बिलियन डॉलर (करीब 1.73 ट्रिलियन सऊदी रियाल) तक पहुंच गए थे। यह सालाना आधार पर 5.3 प्रतिशत की बढ़त को दिखाता है। वहीं, जून 2026 के अंत तक ये विदेशी संपत्ति और बढ़कर लगभग 471.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.768 ट्रिलियन सऊदी रियाल) के स्तर पर पहुंच गई।

यह आंकड़ा जून 2025 के मुकाबले 8.66 प्रतिशत ज्यादा है और पिछले तीन महीनों में यह सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया है। 2025 की शुरुआत में IMF की रिपोर्ट ने संकेत दिया था कि 2024 के अंत तक सऊदी की नेट विदेशी संपत्ति 415 बिलियन डॉलर पर स्थिर थी, जो देश की आयात जरूरतों के लिए पर्याप्त मानी गई थी। हालांकि, अब की ताजा रिपोर्टों से साफ है कि सऊदी की आर्थिक स्थिति IMF के पुराने अनुमानों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.