12 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला ने कतर, ओमान, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। यह चर्चा ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों पर किए जा रहे लगातार हमलों को लेकर हुई है। इन हमलों के कारण खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता पर खतरा पैदा हो गया है, जिसे सऊदी अरब ने पूरी तरह खारिज किया है।
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हमलों का असर और क्षेत्रीय स्थिति
ईरान द्वारा किए गए इन नए हमलों का असर कतर, बहरीन, यूएई, कुवैत, ओमान और जॉर्डन जैसे देशों पर पड़ा है। कतर में हुई घटनाओं में एक बच्चे समेत 3 लोग घायल हुए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने ईरान की इन हरकतों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन बताया है। खाड़ी देशों का कहना है कि यह क्षेत्र की शांति को बिगाड़ने की एक सोची-समझी कोशिश है।
होरमुज जलडमरूमध्य और सुरक्षा पर चर्चा
विदेश मंत्रियों ने होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और तनाव को कम करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया। अरब लीग के प्रवक्ता नबील फहमी ने भी इस पर चिंता जताते हुए इसे व्यवस्थित शत्रुतापूर्ण कार्य करार दिया है। वहीं, अमेरिका के CENTCOM ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है, क्योंकि ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया था। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी लक्षित अरब देशों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की है।
