सऊदी अरब ने विदेशियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब गैर-सऊदी लोग और विदेशी कंपनियां तय नियमों के तहत सऊदी में जमीन और मकान खरीद सकेंगे। यह नया कानून 21 जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा, जिससे यहाँ रहने वाले प्रवासियों और निवेशकों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

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सऊदी सरकार ने ‘नॉन-सऊदीज़ द्वारा रियल एस्टेट स्वामित्व कानून’ को मंजूरी दे दी है। यह कानून 14 जुलाई 2025 को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने पास किया था और 25 जुलाई 2025 को आधिकारिक तौर पर जारी किया गया। इसके तहत अब एक पारदर्शी सिस्टम होगा, जिससे विदेशी लोग बिना किसी उलझन के प्रॉपर्टी ले सकेंगे।

प्रॉपर्टी खरीदने के लिए जरूरी शर्तें

अलग-अलग लोगों और कंपनियों के लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं, ताकि मालिकाना हक में पारदर्शिता बनी रहे।

कौन खरीद सकता है जरूरी शर्तें
विदेशी व्यक्ति (Non-resident) इंटीरियर मिनिस्ट्री से डिजिटल आईडी, सऊदी बैंक अकाउंट और डिजिटल आईडी से जुड़ा सऊदी मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
विदेशी कंपनियां इन्वेस्टमेंट मिनिस्ट्री में रजिस्ट्रेशन, असली मालिकों की पूरी जानकारी, सऊदी आईडी वाला कानूनी प्रतिनिधि और सऊदी बैंक अकाउंट होना चाहिए।
गैर-लाभकारी संस्थाएं (Non-profits) नेशनल सेंटर फॉर नॉन-प्रॉफिट सेक्टर डेवलपमेंट में रजिस्ट्रेशन, कंट्रोल रखने वाले लोगों की जानकारी और सऊदी बैंक अकाउंट जरूरी है।

मक्का और मदीना के लिए खास नियम

मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने के नियम काफी सख्त हैं। यहाँ केवल मुस्लिम व्यक्ति, कंपनियां और इन्वेस्टमेंट फंड ही जमीन या मकान खरीद सकेंगे। विदेशी व्यक्ति, भले ही वह मुस्लिम हो, इन शहरों के तय ज़ोन के बाहर प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकते। वहीं विदेशी कंपनियों के लिए इन दोनों पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना पूरी तरह मना है।

फीस और जुर्माने का प्रावधान

रियाद, जेद्दा, मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने पर गैर-सूदियों को 2% फीस देनी होगी, हालांकि इसमें 10 तरह की छूट दी गई है। अगर कोई व्यक्ति या कंपनी गलत जानकारी देकर प्रॉपर्टी लेने की कोशिश करेगी, तो उस पर 1 करोड़ रियाल (10 मिलियन SR) तक का भारी जुर्माना लग सकता है।

परिवार के लिए नियम

नियमों के मुताबिक, एक विदेशी परिवार के कई सदस्य अलग-अलग रिहायशी प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकते। इसमें पति-पत्नी और बच्चों को एक ही यूनिट माना जाएगा, ताकि रिहायशी मकानों का सही इस्तेमाल हो सके।

Real Estate General Authority (REGA) इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख करेगा और इसके लिए एक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल भी चलाया जाएगा। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में नाम दर्ज होना अनिवार्य होगा, तभी मालिकाना हक मान्य होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com