31 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि अब तक कूटनीतिक बातचीत के सभी रास्ते अपनाए गए थे और संयम रखा गया था, लेकिन ईरान और उससे जुड़ी मिलिशिया के लगातार हमलों के बाद अब सऊदी अरब सख्त रुख अपना रहा है।
समुद्री सुरक्षा के लिए नया गठबंधन
सऊदी अरब ने 13 अन्य देशों के साथ मिलकर एक बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन की शुरुआत की है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य Bab al-Mandab Strait, Red Sea और Gulf of Aden में व्यापारिक जहाजों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा करना है। इस गठबंधन का स्थायी मुख्यालय सऊदी अरब में बनाया गया है और यहाँ एक संयुक्त संचालन केंद्र भी काम करेगा। सऊदी सरकार ने इसे पूरी तरह से रक्षात्मक कदम बताया है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर काम करेगा।
क्षेत्रीय देशों पर हमले की निंदा
सऊदी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कुवैत, जॉर्डन और मिस्र के Damietta port पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत में एक चीनी कंपनी की बिल्डिंग को निशाना बनाया गया था, जबकि जॉर्डन ने पांच मिसाइलों को हवा में नाकाम करने की जानकारी दी है। मिस्र के बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमले में दो जहाजों में आग लग गई थी। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और वह कुवैत व जॉर्डन के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है।
