सऊदी अरब और फ्रांस का बड़ा बयान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कूटनीतिक समाधान की मांग

Aanya24 August 20262 min read55 viewsSaudi
सऊदी अरब और फ्रांस का बड़ा बयान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कूटनीतिक समाधान की मांग

सऊदी अरब और फ्रांस ने मिलकर 24 अगस्त 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में दोनों देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते पर चलने की बात पर जोर दिया है। यह बड़ा फैसला सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद सामने आया है। नेताओं ने तेहरान से अपील की है कि वह तुरंत इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA के साथ अपना सहयोग फिर से पूरी तरह शुरू करे।

क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर चिंता

दोनों देशों के नेताओं ने साफ कहा कि क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने किसी भी तरह की आगे की सैन्य बढ़ोतरी के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी दी है। अपनी सुरक्षा चिंताओं को रखते हुए सऊदी अरब और फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को सामान्य और बिना किसी रोक-टोक के बहाल करने की सख्त जरूरत बताई है। साथ ही गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का सीधा या अप्रत्यक्ष शुल्क लगाने के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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अमेरिका द्वारा नए आर्थिक प्रतिबंध और ईरान की प्रतिक्रिया

इसी कूटनीतिक हलचल के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ और बड़े घटनाक्रम भी देखने को मिले। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने 24 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ वित्तीय प्रतिबंधों को और अधिक बढ़ाने की बड़ी घोषणा की। अमेरिकी सचिव ने इस कदम को एक आर्थिक डी-डे करार दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी सरकार के लिए कमाई के सभी बचे हुए रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है। उनका दावा था कि यह कार्रवाई ईरान की परमाणु और सैन्य ताकतों के एक बड़े हिस्से को सफलतापूर्वक तोड़ने के बाद की जा रही है।

इन तमाम अंतरराष्ट्रीय विकासों के जवाब में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने अपने बयानों के लहजे में बदलाव करते हुए संकेत दिया कि ईरान अब परमाणु बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके अलावा तेहरान की तरफ से सीधी धमकी भी दी गई कि यदि विदेशी देश अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों का समर्थन करना बंद नहीं करते हैं, तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देंगे। इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में यात्रा के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज को भारी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे जहाजों पर भारी जुर्माना लगाने, उन्हें हिरासत में लेने या उनके सामान को जब्त करने की बात कही गई है।

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