सऊदी अरब और फ्रांस ने पर्यटन के क्षेत्र में एक-दूसरे का साथ देने के लिए एक बड़े समझौते पर साइन किए हैं। 11 जून 2026 को दोनों देशों के बीच इस ‘ज्वाइंट एक्शन प्रोग्राम’ को मंजूरी दी गई। इस पहल का मुख्य मकसद दोनों देशों में पर्यटन को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
कहाँ और कैसे हुआ यह समझौता
यह पूरा मामला स्पेन के टोलेडो शहर का है। वहाँ संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन (UNWTO) की कार्यकारी परिषद का 126वां सत्र चल रहा था। इसी मौके पर सऊदी अरब के पर्यटन मंत्री Ahmed Al-Khateeb और फ्रांस के छोटे एवं मध्यम उद्यम, व्यापार, शिल्प, पर्यटन और क्रय शक्ति मंत्री Serge Papin ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों मंत्रियों ने माना कि पर्यटन क्षेत्र दोनों देशों की तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है।
समझौते में किन बातों पर ज़ोर दिया गया
इस प्रोग्राम के तहत कई ज़रूरी काम किए जाएंगे ताकि टूरिज्म सेक्टर में असल बदलाव दिखें। इसमें मुख्य रूप से इन चीज़ों पर ध्यान दिया जाएगा:
- ट्रेनिंग और हुनर: पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बेहतर ट्रेनिंग दी जाएगी और काम करने के नए तरीके सिखाए जाएंगे।
- निवेश को बढ़ावा: दोनों देश पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश के मौके तलाशेंगे और पार्टनरशिप को बढ़ावा देंगे।
- पर्यावरण का ध्यान: प्राकृतिक संसाधनों को बचाते हुए पर्यटन को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर दोनों देश एक-दूसरे के अनुभव साझा करेंगे।
- नई तकनीक का इस्तेमाल: फ्रांस के टेक स्टार्टअप्स और सऊदी अरब के पर्यटन विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि टूरिज्म में डिजिटल तकनीक और नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो सके।
आम लोगों और बिजनेस को क्या होगा लाभ
इस समझौते से आने वाले समय में सऊदी अरब और फ्रांस के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और गाइड जैसे कामों में नए रोज़गार पैदा होंगे। साथ ही, नई तकनीक आने से पर्यटकों के लिए यात्रा करना और बुकिंग करना पहले से आसान होगा।
