सऊदी अरब की सरकार ने देश में चंदा जमा करने के तरीके को पूरी तरह बदलने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस नए नियम पर अपनी मुहर लगा दी है। अब डोनेशन लेने और देने की पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी होगी ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो सके।

सऊदी में डोनेशन के लिए क्या हैं नए नियम?

जेद्दा में हुई कैबिनेट की बैठक में मंगलवार, 5 मई 2026 को चंदा इकट्ठा करने के सिस्टम के लिए नए कार्यकारी नियमों को मंजूरी दी गई। इस नए सिस्टम की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इस नए सिस्टम में कुल 23 आर्टिकल शामिल किए गए हैं जो डोनेशन की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करेंगे।
  • यह नया कानून साल 1396H (1976G) में जारी पुराने नियमों की जगह लेगा।
  • अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दान में मिला पैसा उसी काम के लिए खर्च हो, जिसके लिए दान देने वाले ने शर्त रखी थी।

चंदा जमा करने वाली संस्थाओं के लिए क्या होगा जरूरी?

सरकार ने अब चंदा इकट्ठा करने के लिए कड़े शासन और पारदर्शिता के नियम बनाए हैं। National Center for the Development of the Non-Profit Sector इस पूरे सिस्टम को लागू करने और उसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी संभालेगा।

  • केवल लाइसेंस प्राप्त संस्थाएं ही अब चंदा जमा कर सकेंगी।
  • संस्थाओं को पैसा लेने के लिए तय किए गए आधिकारिक चैनलों का ही इस्तेमाल करना होगा।
  • प्राप्त किए गए सभी डोनेशन का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और हर साल फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार करना होगा।
  • इस कदम से दान देने वालों और संस्थाओं के बीच भरोसा बढ़ेगा और अधिकारों की रक्षा होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में डोनेशन के नए नियम कब मंजूर हुए

सऊदी कैबिनेट ने मंगलवार, 5 मई 2026 को जेद्दा में हुई बैठक के दौरान चंदा जमा करने के नए नियमों को मंजूरी दी।

नए डोनेशन सिस्टम का मुख्य उद्देश्य क्या है

इसका मुख्य उद्देश्य चंदा इकट्ठा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, निगरानी बढ़ाना और दान देने वालों व लाभार्थियों दोनों के अधिकारों को सुरक्षित करना है।