सऊदी अरब दुनिया भर में सेहत सुधारने के लिए बड़ी पहल कर रहा है। मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी को खत्म करने के लिए सऊदी सरकार ने करोड़ों डॉलर की मदद देने का फैसला किया है, जिससे कई देशों के लोगों की जान बच सकेगी।

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सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट (SFD) ने ग्लोबल फंड को 39 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है। यह पैसा 2026 से 2028 तक के समय के लिए है। इस फंड का इस्तेमाल एड्स, टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के इलाज और बचाव के लिए किया जाएगा।

इस समझौते पर SFD के CEO सुल्तान अब्दुलरहमन अल-मर्शाद और ग्लोबल फंड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीटर सैंड्स ने साइन किए हैं। इस दौरान सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि राजदूत अब्दुलमोहसिन माजिद बिन खुथायला भी मौजूद थे।

सऊदी अरब ने साल 2002 से अब तक इस ग्लोबल फंड को 200 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की मदद दी है। सऊदी अरब मिडिल ईस्ट क्षेत्र में इस फंड को सबसे ज़्यादा पैसे देने वाला देश बना हुआ है।

मलेरिया के लिए अलग से मदद की बात करें तो, किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSRelief) और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने एक समझौता किया था। इसके तहत यमन में मलेरिया को रोकने के लिए 12 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए गए थे।

  • कुल मदद: 2002 से अब तक 200 मिलियन डॉलर से ज़्यादा
  • नया वादा: 39 मिलियन डॉलर (2026-2028 के लिए)
  • यमन के लिए: मलेरिया कंट्रोल के लिए 12 मिलियन डॉलर
  • मुख्य संस्था: सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट (SFD)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.